राज्यसभा के दस सांसदों को एम्स, सिल्क बोर्ड, सरोगेसी बोर्ड और संसदीय समितियों में निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। जानिए किस सांसद को कौन सी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल को आखिरकार स्थायी नेतृत्व मिल गया है। केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) नरेंद्र कोटवाल को संस्थान का नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है।
ट्विशा की संदिग्ध मौत मामले में CBI की जांच तेज। दिल्ली से आई टीम ने AIIMS भोपाल पहुंचकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल पहलुओं की गहन पड़ताल की।
भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर मल्टीपल चोटों की बात सामने आई है। पुलिस लापरवाही और फरार पति समर्थ सिंह पर इनाम से जुड़ी पूरी खबर पढ़ें
भोपाल एम्स के डॉ. सुखेस मुखर्जी ने कैंसर के इलाज के लिए नई नैनो तकनीक खोजी है। जानें कैसे लाल रोशनी और नैनोकणों के जरिए बिना साइड इफेक्ट के खत्म होगा ट्यूमर।
AIIMS भोपाल अब एलोपैथी और होम्योपैथी के संगम (Integrated Medicine) से सिकल सेल, किडनी स्टोन और डायबिटिक फुट जैसी बीमारियों का स्थायी इलाज खोज रहा है। जानें एम्स की इस नई शोध पहल के बारे में।
भोपाल के AIIMS और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। पुलिस और बम स्क्वाड ने किया सर्च ऑपरेशन। जानें क्या है पूरा मामला और साइबर सेल की जांच।
एम्स भोपाल में दो दिवसीय 'फॉरेंसिक अपडेट–VIII' कार्यशाला में देशभर के 70 से अधिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। यहां जले, दफन या सड़ चुके शवों में भी मृत्यु का सटीक समय जानने के लिए फॉरेंसिक एंटोमोलॉजी और जीनोमिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों पर प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया गया।
एम्स भोपाल में 37 वर्षीय ब्रेन डेड युवक के अंगदान ने पाँच लोगों को नया जीवन दिया। यह एम्स का तीसरा हार्ट ट्रांसप्लांट था। जानें कैसे ग्रीन कॉरिडोर और ओटी में पोस्टमार्टम से यह सफल प्रत्यारोपण संभव हुआ।
एम्स भोपाल ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग फॉर इनोवेशन (WURI) 2025 में विजनरी लीडरशिप श्रेणी में वैश्विक स्तर पर 34वां स्थान प्राप्त किया। जानें कैसे संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा और नवाचार में अपनी पहचान बनाई।






















